भारतीय टी. वी. में शीर्ष स्तर की छः सफल समाचार उद्घोषिकाएँ

आज का युग टी. वी. का युग है। फिल्मी मायानगरी की तरह ही टी. वी. चैनल्स भी आज हर घर में लोगों के दिलों पर राज कर रहे हैं। एक समय था जब युवा फिल्मों में अभिनय करना चाहते थे पर आज विभिन्न टी. वी. चैनल्स फिल्मों का विकल्प बन गए हैं। इन विभिन्न टी. वी. चैनल्सों में मनोरंजन के अतिरिक्त कुछ समाचार चैनल्स भी हैं। जिन पर समाचार उद्घोषक के रूप में कार्य करना एक स्वप्न के समान है। टी. वी. पर अनेक समाचार उद्घोषिकाएँ हैं। जिनमें कुछ निम्न हैं।

1. रूबिका लियाकत

आज
से कुछ माह पूर्व तक जी.
न्यूज
पर ‘ताल ठोंक के’ नामक कार्यक्रम
आता था। जिसकी उद्घोषिका
रूबिका लियाकत थीं। इस कार्यक्रम
को शोहरत की बुलंदियों तक
पहुँचाने का श्रेय रूबिका को
था। जिसके धारदार प्रश्नों
के समक्ष बड़े से बड़े वक्ता
पराजित हो जाते थे। 18
अप्रैल,
उदयपुर,
राजस्थान
में जन्मी रूबिका ने पत्रकारिता
संकाय से स्नातक की उपाधि
प्राप्त की। मंुबई विश्वविद्यालय
में पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने
चैनल 24
के
साथ तीन माह कार्य किया। इनके
पति का नाम नवेद कुरैशी है,
जो
एक पत्रकार हैं। 2018
तक
रूबिका ने जी न्यूज में कार्य
किया फिर वह ए.बी.पी.
से
जुड़ गईं। यहाँ इन्होंने मास्टर
स्ट्रोक नामक कार्यक्रम की
मेजबानी की।

2. निधि राजदान

11
अप्रैल
1977
में
बड़गाम जम्मू कश्मीर में जन्मी
निधि राजदान के पिता कृष्णा
राजदान हैं। जो समाचार एजेंसी
के मुख्य संपादक थे। निधि का
विवाह 2005
में
नीलेश मिश्रा से हुआ। 2007
में
ये दोनों अलग हो गए। निधि ने
रेडियो और टी.
वी.
पत्रकारिता
में स्नातकोत्तर की उपाधि
प्राप्त की है। यह समाचार
उद्घोषिका के रूप में 1999
में
एन.डी.
टी.वी.
से
जुड़ीं। इन्होंने कई समाचार
कार्यक्रम की पत्रकारिता की
है। इन्होंने एक सजीव प्रसारण
की श्रृंखला की भी मेजबानी
की है। यह समाचार कार्यक्रम
‘लेफ्ट,
राइट
एंड सेंटर‘ की उद्घोषिका हैं।

3. अंजना ओम कश्यप

12
जून
1975
रांची,
बिहार
में जन्मी अंजना ने वनस्पति
विज्ञान में स्नातक की उपाधि
प्राप्त की। तत्पश्चात इन्होंने
पत्रकारिता में डिप्लोमा
लिया। इनका विवाह मंगेश कश्यप
से हुआ। यह ख्याति प्राप्त
पत्रकार और समाचार उद्घोषिका
हैं। यह अपने प्रसिद्ध कार्यक्रम
हल्ला बोल के कारण भारत की सफल
पत्रकार बनीं। इन्होंने
सुल्तान और टाइगर जिंदा है
फिल्म में समाचार उद्घोषिका
के रूप में अभिनय भी किया है।
यह आज तक समाचार चैनल की कार्यकारी
संपादक हैं। इन्होंने मेजबान
के रूप में ‘बड़ी बहस‘ और ‘दो
टूक‘ जैसे कार्यक्रमों में
भी कार्य किया है।

4. सागरिका घोष

भारतीय
दूरदर्शन के पूर्व महानिदेशक
भास्कर घोष की पुत्री सागरिका
घोष का जन्म 8
नवंबर
1964
को
हुआ। इन्होंने आधुनिक इतिहास
से स्नातक की शिक्षा प्राप्त
करने के पश्चात एम.फिल.
किया।
इन्होंने ‘टाइम्स आॅफ इंडिया,
‘आउट
लुक पत्रिका‘ और ‘इंडियन
एक्सप्रेस‘ में कार्य किया।
यह सी.एन.एन.,
आई.बी.एन.
में
मुख्यकाल (प्राइम
टाइम)
की
उद्घोषिका थीं। उनके लेख और
प्रसारण ख्याति प्राप्त थे।
5
जुलाई
2014
को
इन्होंने पद से इस्तीफा दे
दिया।

5. श्वेता सिंह

14
दिसंबर
1977
में
पटना,
बिहार
में जन्मीं श्वेता सिंह ‘आज
तक’ की समाचार उद्घोषिका और
संपादक हैं। खेल से संबंधित
कार्यक्रमों के प्रसारण में
इन्हें महारत हासिल है। इन्होंने
‘पाटलिपुत्र का इतिहास‘ नाम
का एक कार्यक्रम भी किया है।
आज तक में कार्य करने से पूर्व
इन्होंने जी न्यूज और सहारा
चैनल्स के लिए भी कार्य किया
था।

6. आएशा फरीदी

दिल्ली में जन्मीं आएशा फरीदी एक प्रशिक्षित पत्रकार हैं। इन्होंने ई.टी. नाओ चैनल में एक बाजार विश्लेषक उद्घोषिका के रूप में कार्य करने से पूर्व सी.एन.बी.सी. वल्र्ड और एम.टी.वी. में भी कार्य किया है। ई.टी. नाओ बाजार में विश्लेषक के रूप में किसी कंपनी की स्थिति, लाभ-हानि, व्यापारी, बैंकरों और अर्थशास्त्रियों का विश्लेषण प्रस्तुत करती हैं। इसके अतिरिक्त इन्होंने फीचर और जीवन शैली से संबंधित कार्यक्रम भी किए हैं। जैसे- ‘डेली सेगमेंट‘, ‘गेट ए लाईफ‘, ‘स्टोरी बोर्ड‘, ‘शो टाइम इंडिया‘ आदि।